दिल की बात
आपका स्वागत है। मैं आपसे बात करना चाहता था। मानो हम अपने बीच एक कप कॉफी रखकर आमने-सामने बैठे हों—मैं आपके साथ जीवन के सवालों पर सहजता से दिल की बात करना चाहता हूँ। जल्दबाज़ी में उत्तर देने के बजाय, आवाज़ सुनते और लेख पढ़ते हुए हम अपने मन और जीवन को धीरे-धीरे टटोल सकें, इसी उद्देश्य से ये सात संवाद तैयार किए गए हैं।
- 01. सब कुछ पाने पर भी जीवन खाली क्यों लगता है?बहुत कुछ पाने पर भी न भरने वाले मन और जीवन की दिशा पर विचार करते हैं।
- 02. दुखों से भरा जीवन और सच्चा विश्राममन का भारी बोझ और सच्चा विश्राम कहाँ से मिलता है, इसे देखते हैं।
- 03. सब कुछ आज़माया, फिर भी खुशी नहीं मिलीउपलब्धियों और सुख के बाद भी बची रहने वाली प्यास को साथ मिलकर देखते हैं।
- 04. जीवन की प्यास किससे बुझेगी?मन की गहरी प्यास और जीवित जल की कहानी सुनते हैं।
- 05. पिता का प्रेमलौटकर आने वाले को अपनाने वाले पिता के प्रेम पर विचार करते हैं।
- 06. बीमार जीवन को चंगा करने वाले यीशुपुराने दर्द के बीच फिर उठ खड़े होने की राह देखते हैं।
- 07. टूटे मन को चंगा करने वाले यीशुघायल मन के लिए सांत्वना और बहाली का निमंत्रण सुनते हैं।